निगरानी परियोजना ने बांग्लादेश में एलजीबीटी लोगों पर हमलों और धमकियों की रिपोर्ट दी
31 अक्टूबर 2026 को LGBTIQ Phobia Monitoring BD परियोजना ने बांग्लादेश के गोपालगंज में धमकियों और हमलों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की। लेखकों ने अक्टूबर की दो घटनाओं को समलैंगिकता का विरोध करने वाले समूह Samakami Protirodh Andolon, Gopalganj से जोड़ा है।
परियोजना के अनुसार, समूह ने 8 अक्टूबर को एक फेसबुक पेज शुरू किया। रिपोर्ट में दी गई पोस्ट में लोगों से अपने इलाके के एलजीबीटी व्यक्तियों की जानकारी देने को कहा गया है और उन्हें निकालने तथा हिंसा की धमकियाँ दी गई हैं। लेखक कथित प्रतिभागियों की निजी प्रोफाइल से पिटाई के वीडियो साझा किए जाने का भी विवरण देते हैं।
23 अक्टूबर की घटना के विवरण में परियोजना का आरोप है कि कई लोग एक ट्रांसजेंडर महिला के घर में घुसे, उसे और एक अन्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति को पीटा तथा घर की तलाशी लेकर लूटपाट की। दोनों को पुलिस के हवाले किया गया, जिसने परियोजना के अनुसार उन्हें उसी दिन छोड़ दिया। 29 अक्टूबर के हमले की रिपोर्ट में एक ऐसे पुरुष की पिटाई का वर्णन है जिसे हमलावरों ने समलैंगिक कहा था। उसके यौन रुझान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लेखकों का कहना है कि उन्होंने सार्वजनिक फेसबुक पोस्ट, सुरक्षित रखे गए स्क्रीनशॉट, मीडिया रिपोर्ट और अपनी मैदानी जाँच का इस्तेमाल किया। दोनों घटनाओं का एक ही समूह से संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिल सकी। रिपोर्ट में आरोपों पर पुलिस, मेटा या उल्लिखित व्यक्तियों के जवाब शामिल नहीं हैं।
परियोजना ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से हमलों की जाँच करने और पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। लेखकों ने फेसबुक की मालिक कंपनी मेटा से हिंसा के लिए उकसाने वाली सामग्री और उत्पीड़न के वीडियो हटाने तथा बांग्ला सामग्री की निगरानी मजबूत करने की माँग की है।
उरानिया ने पहले बांग्लादेश में हिजड़ा समुदाय की स्थिति पर मानवाधिकार संगठन JMBF की रिपोर्ट के बारे में लिखा था। हिजड़ा दक्षिण एशिया की एक सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है, जो ट्रांसजेंडर पहचानों से जुड़ती है, लेकिन उनके समान नहीं है। पिछली रिपोर्ट भेदभाव और बुनियादी सेवाओं तक पहुँच पर केंद्रित है।


