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न्यूज़ीलैंड की अदालत ने ट्रांसजेंडर किशोरों को यौवन अवरोधक दवाएँ पहली बार लिखने पर लगी रोक रद्द की

वेलिंगटन स्थित हाई कोर्ट, 2015। तस्वीर: Pear285 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0।
वेलिंगटन स्थित हाई कोर्ट, 2015। तस्वीर: Pear285 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0।

न्यूज़ीलैंड के वेलिंगटन स्थित हाई कोर्ट ने 21 अक्टूबर 2026 को उन नियमों को रद्द कर दिया, जो जेंडर डिस्फोरिया या लैंगिक असंगति वाले बच्चों और किशोरों को पहली बार यौवन अवरोधक दवाएँ लिखने पर रोक लगाते थे। फैसले के अनुसार, न्यायाधीश डेल ला हूड ने स्वास्थ्य मंत्री सिमियन ब्राउन के खिलाफ प्रोफेशनल एसोसिएशन फॉर ट्रांसजेंडर हेल्थ आओटियारोआ (PATHA) की याचिका पर इन नियमों को गैरकानूनी और अमान्य घोषित किया।

नियम नवंबर 2025 में अपनाए गए थे और 19 दिसंबर से प्रभावी होने थे। ये यौवन को दबाने वाली दवाओं के नए पर्चों पर लागू होते थे, न कि पहले से इलाज करा रहे मरीजों या दूसरी बीमारियों के उपचार पर। हालांकि, अदालत ने 17 दिसंबर को अंतरिम आदेशों से इन्हें लागू करने पर रोक लगा दी थी। अब नियम ही रद्द हो गए हैं, इसलिए चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर नए मरीजों को दवाएँ लिखी जा सकती हैं।

अदालत ने दो उल्लंघन पाए। परामर्श के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया था कि नए पर्चों पर पूर्ण प्रतिबंध पर विचार हो रहा है और प्रभावित युवाओं से सीधे राय नहीं ली थी। प्रतिबंध को कानूनी अर्थ में दिव्यांगता के आधार पर अनुचित भेदभाव भी माना गया। इसका संबंध चिकित्सकीय निदानों से है, ट्रांसजेंडर पहचान को स्वयं दिव्यांगता मानने से नहीं। दूसरी बीमारियों वाले युवाओं के लिए दवाएँ उपलब्ध थीं।

ला हूड ने माना कि कुछ पाबंदियों के लिए मंत्री के पास तर्कसंगत आधार था, लेकिन पूर्ण प्रतिबंध अनुपातहीन था। उन्होंने ब्राउन द्वारा निर्णय लेने का अधिकार मंत्रिमंडल को सौंपने या अनुचित उद्देश्य से काम करने के आरोप खारिज किए। फैसला कानून के अनुरूप नए नियम बनाने से नहीं रोकता।

नवंबर 2025 में पाबंदियों का कारण बताते हुए ब्राउन ने जेंडर डिस्फोरिया के उपचार में इन दवाओं के लाभ और जोखिम पर उच्च गुणवत्ता वाले आँकड़ों की कमी का हवाला दिया था। 1News की 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार सतर्क रुख बनाए हुए है और अगले कदमों पर सलाह ले रही है।

PATHA ने फैसले का स्वागत किया। इसकी उपाध्यक्ष और चिकित्सक एलिज़ाबेथ मैकएलरिया ने कहा कि इलाज का निर्णय मरीजों और डॉक्टरों के हाथ में रहना चाहिए। रूढ़िवादी संगठन Family First NZ के प्रमुख बॉब मैककॉस्क्री ने वैज्ञानिक अनिश्चितता और नाबालिगों के उपचार के संभावित परिणामों का हवाला देते हुए फैसले की आलोचना की। दोनों प्रतिक्रियाएँ 1News ने प्रकाशित कीं।

सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल New Zealand First पार्टी के नेता विंस्टन पीटर्स ने तत्काल अपील करने की माँग की। उनका बयान पार्टी की माँग है; इससे अपने आप यह पुष्टि नहीं होती कि अपील दायर हो चुकी है।

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