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मानवाधिकार संगठन JMBF ने बांग्लादेश में हिजड़ा समुदाय के साथ भेदभाव पर रिपोर्ट जारी की

मानवाधिकार संगठन JusticeMakers Bangladesh in France (JMBF) ने 12 अक्टूबर 2026 को पेरिस में बांग्लादेश के हिजड़ा समुदाय की स्थिति पर एक रिपोर्ट जारी की। लेखकों के अनुसार, 2013 में इस समुदाय को सरकारी मान्यता मिलने के बावजूद भेदभाव और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच की बाधाएं दूर नहीं हुई हैं।

हिजड़ा दक्षिण एशिया की एक ऐतिहासिक सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसे अक्सर तृतीय लिंग कहा जाता है। इसका ट्रांसजेंडर पहचानों से कुछ मेल है, लेकिन यह उनका या इंटरसेक्स विविधताओं का पर्याय नहीं है। बांग्लादेश के अधिकारियों के 2013 के फैसले के बाद मान्यता की आधिकारिक अधिसूचना जनवरी 2014 में प्रकाशित हुई थी।

रिपोर्ट दस्तावेजों, शोध और अलग-अलग मामलों के विवरण पर आधारित है, जिनमें मुख्यतः 2013 से अगस्त 2026 तक की अवधि शामिल है। यह मौजूदा सामग्री की समीक्षा है, कोई नया देशव्यापी सर्वेक्षण नहीं। लेखक हिंसा और उत्पीड़न, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास से वंचित किए जाने की शिकायतों के साथ-साथ पहचान दस्तावेज बनवाने की कठिनाइयों का वर्णन करते हैं।

रिपोर्ट में उद्धृत एक अध्ययन 2022 में PLOS ONE में प्रकाशित हुआ था। जनवरी 2019 में इसमें बांग्लादेश के पांच शहरों के हिजड़ा समुदाय के 346 लोगों ने भाग लिया था। सर्वेक्षण में 59.3% ने शिक्षा और 46.4% ने रोजगार के क्षेत्र में अधिकारों के उल्लंघन की जानकारी दी। ये आंकड़े उस विशेष नमूने के हैं और पूरे देश में ऐसे उल्लंघनों की व्यापकता नहीं बताते।

रिपोर्ट 2022 की जनगणना का प्रारंभिक आंकड़ा देती है: हिजड़ा समुदाय के 12,629 लोग। हालांकि, बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो के बाद के आधिकारिक सारांश में 8,124 लोग दर्ज हैं। दोनों आंकड़े एक ही जनगणना के हैं; उनका अंतर अपने आप में समुदाय की आबादी घटने का प्रमाण नहीं है। रिपोर्ट के लेखक संभावित कम गणना की भी चेतावनी देते हैं।

दस्तावेजों की समस्या पर The Daily Star ने भी 13 अगस्त को खबर दी थी। अखबार के अनुसार, उससे एक दिन पहले ढाका में हुए सम्मेलन में नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र और पहचान पत्र न होने से हिजड़ा समुदाय के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सहायता तक पहुंच बाधित होती है।

देश में सरकारी सहायता कार्यक्रम भी चलते हैं। समाज सेवा विभाग हिजड़ा समुदाय के लिए भत्तों, शैक्षिक छात्रवृत्तियों और व्यावसायिक प्रशिक्षण का उल्लेख करता है।

JMBF ने भेदभाव से कानूनी सुरक्षा, हिंसा की जांच और अपमानजनक चिकित्सकीय जांचों के बिना दस्तावेज बनवाने की सुलभ प्रक्रिया की सिफारिश की है। संगठन का कहना है कि सामाजिक सहायता राशि के साथ कानूनी गारंटी और शिकायतों की प्रभावी सुनवाई की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

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