बेलारूस के अभियोजक जनरल: LGBT और चाइल्डफ्री सामग्री के लिए आठ इंटरनेट समुदायों को 'चरमपंथी' घोषित किया गया
1 अक्टूबर 2026 को रूस के कज़ान में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के अभियोजक जनरलों की 24वीं बैठक में बेलारूस के अभियोजक जनरल दिमित्री गोरा ने बताया कि अदालतों ने अभियोजन पक्ष की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए आठ ऑनलाइन समुदायों को “चरमपंथी” घोषित किया है। स्पुतनिक बेलारूस की रिपोर्ट के अनुसार, गोरा ने कहा कि ये संसाधन LGBT आंदोलन और “चाइल्डफ्री विचारधारा” का प्रचार कर रहे थे, जिसे अभियोजन कार्यालय ने देश की जनसांख्यिकीय सुरक्षा के लिए खतरा माना।
अभियोजक जनरल ने चरमपंथी घोषित किए गए समुदायों के नामों या उन सोशल मीडिया मंचों का उल्लेख नहीं किया जिन पर वे संचालित हो रहे थे। गोरा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान अभियोजकों ने “परिवार की संस्था को अस्वीकार करने, मातृत्व को बदनाम करने, बच्चे के जीवन के महत्व को नकारने तथा गर्भपात के सामाजिक और चिकित्सीय खतरों को कम करके आंकने के कई मामले” पाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2026 में अभियोजकों के निर्देश पर लगभग 1,400 इंटरनेट संसाधनों तक पहुंच प्रतिबंधित की गई, जो अधिकारियों के अनुसार नाबालिगों के लिए नुकसानदेह हो सकते थे।
पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों की रक्षा और नाबालिगों के बीच अवैध सामग्री की रोकथाम पर केंद्रित बैठक में बोलते हुए गोरा ने कहा कि परिवार की संस्था संकट के दौर से गुजर रही है। उन्होंने इसके लिए पश्चिमी प्रभाव को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि “वहां समान लिंगीय संबंधों और विवाह की स्वतंत्रता का व्यापक प्रचार किया जाता है और निहसंतान रहने के विचार व कट्टर नारीवाद को थोपा जा रहा है।” दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि बेलारूस में चरमपंथ-रोधी कानूनों का इस्तेमाल स्वतंत्र मंचों को बंद करने के लिए किया जाता है, जिससे इन चैनलों से जुड़ने या सामग्री साझा करने वाले नागरिकों पर कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है।
बेलारूस में किसी संसाधन को चरमपंथी सामग्री की सूची में डालने पर उसके वितरण पर प्रतिबंध लग जाता है और इसे साझा या संग्रहीत करने पर दंड का प्रावधान है। “Urania” ने पहले बताया था कि बेलारूस में LGBT प्रचार प्रतिबंध लागू हुआ : 19 जून 2026 को प्रशासनिक अपराध संहिता के संशोधन प्रभावी हुए, जिनमें समलैंगिक संबंधों, लिंग परिवर्तन या स्वैच्छिक निहसंतानता के प्रति आकर्षण पैदा करने वाली जानकारी के प्रसार पर भारी जुर्माना और प्रशासनिक गिरफ्तारी तय की गई है।


