ऑस्ट्रेलिया की जनगणना में पहली बार यौन अभिविन्यास और जेंडर पर सवाल होंगे

ऑस्ट्रेलिया में 11 अगस्त 2026 को होने वाली राष्ट्रीय जनगणना में लोगों से पहली बार उनके यौन अभिविन्यास और जेंडर के बारे में पूछा जाएगा। नए सवाल 16 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए होंगे।

ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो के अनुसार, उत्तरदाता स्वयं को विषमलैंगिक, गे या लेस्बियन, उभयलिंगी बता सकेंगे या कोई अन्य शब्द लिख सकेंगे। जेंडर के विकल्पों में पुरुष, महिला, नॉन-बाइनरी और अपना उत्तर लिखने का विकल्प शामिल है। दोनों सवालों में “उत्तर नहीं देना चाहता/चाहती” चुना जा सकेगा। 1911 से हर ऑस्ट्रेलियाई जनगणना में शामिल सेक्स संबंधी सवाल अब विशेष रूप से जन्म के समय दर्ज सेक्स के बारे में होगा। ब्यूरो का कहना है कि जानकारी गोपनीय है और इसे ऐसे रूप में प्रकाशित नहीं किया जाएगा जिससे किसी व्यक्ति या परिवार की पहचान हो सके।

यह बदलाव 2024 में हुए राजनीतिक विवाद के बाद अंतिम रूप से मंजूर हुआ। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की लेबर सरकार ने शुरू में “विभाजनकारी बहस” से बचने की बात कहते हुए नए विषय न जोड़ने का फैसला किया था, लेकिन बाद में निर्णय बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया के सार्वजनिक प्रसारक ABC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने सांख्यिकी ब्यूरो के परामर्श और परीक्षण के बाद यौन अभिविन्यास और जेंडर से जुड़े सवाल शामिल करने पर सहमति दी।

ब्यूरो का कहना है कि इन उत्तरों से LGBT आबादी का अधिक सटीक अनुमान लगाने और स्वास्थ्य तथा सामुदायिक सेवाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी। LGBT संगठनों ने डेटा संग्रह का स्वागत किया, लेकिन कहा कि जनगणना पूरे समूह को शामिल नहीं करेगी: सेक्स विशेषताओं में विविधता, यानी इंटरसेक्स स्थिति, पर अलग सवाल नहीं होगा। सरकार ने कहा कि परीक्षण से यह साबित नहीं हुआ कि इस विषय पर पर्याप्त गुणवत्ता वाला डेटा जुटाया जा सकता है। अधिकतर नतीजे जून 2027 में जारी किए जाएंगे।