रूसी लोकसाहित्य की क्वीरता

रूसी लोकसाहित्य में क्वीर रूपांकन: पोशाक बदलना, समलैंगिक संकेत, शारीरिक हास्य और तरल लैंगिक भूमिकाएँ।