"Shameless" — टेरेल जे. ए. विंडर द्वारा लॉस एंजेलिस में अश्वेत समलैंगिक पहचान के निर्माण पर एक पुस्तक
लॉस एंजेलिस में युवा अश्वेत समलैंगिक पुरुषों के बीच कलंक और पहचान का एक नृजातीय अध्ययन।

जून 2026 में न्यूयॉर्क स्थित प्रकाशक NYU Press ने पुस्तक Shameless: The Making of Black Gay Identities in LA प्रकाशित की। इसे टेरेल जे. ए. विंडर (Terrell J. A. Winder) ने लिखा है — जो एक समाजशास्त्री और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बार्बरा में सहायक प्राध्यापक हैं। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुई है।
यह अध्ययन लॉस एंजेलिस के युवा अश्वेत समलैंगिक पुरुषों पर केंद्रित है और इस बात की पड़ताल करता है कि वे नस्ल और यौनिकता के दोहरे कलंक से कैसे जूझते हैं। समाजशास्त्र में कलंक (stigma) से तात्पर्य एक ऐसे सामाजिक चिह्न से है जो व्यक्ति को दूसरों की नज़रों में कमतर बनाता है और उसे अपनी पहचान के किसी हिस्से को छुपाने या उसकी सफाई देने पर विवश करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में युवा अश्वेत समलैंगिक पुरुषों को एक साथ नस्लवाद और समलैंगिकता-विरोध (homophobia) का सामना करना पड़ता है, जिससे वे एक विशेष रूप से संवेदनशील स्थिति में होते हैं।
यह पुस्तक लॉस एंजेलिस की एक सामुदायिक स्वास्थ्य संस्था — जो LGBT समुदाय की सेवा करती है — में किए गए चार वर्षों के क्षेत्र-कार्य पर आधारित है। विंडर ने 200 से अधिक पुरुषों के साथ गहन साक्षात्कार किए, और मीडिया तथा सांस्कृतिक संदर्भ का भी विश्लेषण किया।
पुस्तक का केंद्रीय तर्क यह है कि कलंक-प्रबंधन की पारंपरिक रणनीतियाँ — अपनी पहचान के किसी हिस्से को छुपाना या उसे कम महत्त्व देना — तब काम करना बंद कर देती हैं जब कोई व्यक्ति एक साथ सामाजिक अस्वीकृति के कई रूपों का सामना करता है। विंडर दिखाते हैं कि इसके बदले युवा अश्वेत समलैंगिक पुरुष अपनी पहचान पर गर्व विकसित करते हैं और “shameless” (निर्लज्ज) रवैये को जीने का एक तरीका बना लेते हैं। पुस्तक का शीर्षक इसी रणनीति को प्रत्यक्ष रूप से व्यक्त करता है।
टेरेल जे. ए. विंडर एक समाजशास्त्री हैं जिनका शोध आंशिक रूप से उनके अपने व्यक्तिगत अनुभव से प्रेरित है। वे बाल्टीमोर में पले-बढ़े और कॉलेज के वर्षों के दौरान न्यूयॉर्क सिटी में रहे। वर्तमान में वे कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सांता बार्बरा में समाजशास्त्र पढ़ाते हैं।
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