"Bisexuality and Beyond" – मार्था रॉबिन्सन रोड्स द्वारा ब्रिटेन में बहु-लिंग-आकर्षण के इतिहास पर एक पुस्तक

मार्था रॉबिन्सन रोड्स का यह ऐतिहासिक अध्ययन 1970 से 1990 के दशक के बीच ब्रिटेन में द्विलिंगी लोगों के अनुभवों की पड़ताल करता है।

Book cover
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मई 2026 में ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (Oxford University Press) ने अंग्रेज़ी भाषा की पुस्तक “Bisexuality and Beyond: A History of Multiple-Gender-Attraction in Modern Britain” प्रकाशित की। इसकी लेखिका मार्था रॉबिन्सन रोड्स (Martha Robinson Rhodes) हैं, जो एक इतिहासकार, लंदन विश्वविद्यालय के रॉयल हॉलोवे (Royal Holloway, University of London) में शोधकर्ता और LGBT चैरिटी स्टोनवॉल (Stonewall) की पूर्व कर्मचारी हैं।

यह पुस्तक 1970 से 1990 के दशक के बीच ग्रेट ब्रिटेन में द्विलैंगिकता (bisexuality) का पहला गहन ऐतिहासिक अध्ययन है। सत्रह मूल मौखिक इतिहास साक्षात्कारों और समलैंगिक, लेस्बियन एवं द्विलैंगिक संगठनों के अभिलेखीय दस्तावेज़ों के आधार पर, लेखिका यह परखती हैं कि किस प्रकार समलैंगिक मुक्ति (gay liberation) और लेस्बियन नारीवाद (lesbian feminism) के आंदोलनों ने समलैंगिकों और विषमलैंगिकों के बीच एक कठोर विभाजन रेखा खींचने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण अधिक जटिल यौन व्यवहार वाले लोग प्रायः हाशिये पर धकेल दिए गए।

अपने शोध में मार्था रॉबिन्सन रोड्स “बहु-लिंग-आकर्षण” (multiple-gender-attraction) की अवधारणा को एक व्यापक छत्र शब्द के रूप में प्रयोग करती हैं ताकि कठोर लेबलों से परे जाया जा सके। यह दृष्टिकोण उन्हें केवल उन लोगों के अनुभवों की ही नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तियों के अनुभवों की भी पड़ताल करने में सक्षम बनाता है जो स्वयं को “पूरी तरह समलैंगिक नहीं” बताते थे, साथ ही उन विवाहित पुरुषों के भी जो अपनी पत्नियों के साथ भावनात्मक संबंध बनाए रखते हुए अन्य पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते थे।

इन ऐतिहासिक प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण देते हुए यह पुस्तक यह उजागर करती है कि 20वीं सदी के उत्तरार्ध में यौनिकता (sexuality) की राजनीतिक और सामाजिक श्रेणियाँ किस प्रकार निर्मित हुईं। यह प्रकाशन 1970 के दशक की कट्टरपंथी LGBT राजनीति की सार्वभौमिक समावेशिता संबंधी प्रचलित धारणाओं को चुनौती देता है और LGBT समुदाय के इतिहास की गहरी समझ प्रदान करता है।